राजनीतिक

जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचन: कांग्रेस और भाजपा द्वारा बिछाई गई राजनीतिक चौसर

भोपाल
प्रदेश में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए कांग्रेस और भाजपा द्वारा बिछाई गई राजनीतिक चौसर पर जिला पंचायत सदस्यों की वोटिंग हो रही है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद पर पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को जिताने के लिए 15 दिन तक की गई बाड़ाबंदी के बाद आज निर्वाचित सदस्यों को वोटिंग के लिए मतदान केंद्रों तक सुरक्षा के घेरे में पहुंचाने का काम किया। इस चुनाव में पचास फीसदी जिलों में बीजेपी समर्थित कैंडिडेट जीत की ओर अग्रसर हैं। मंदसौर में भाजपा समर्थित दुर्गा विजय पाटीदार को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया है। यहां कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारा है।

कांग्रेस ने गुरुवार तक अधिकांश जिलों में अपने कैंडिडेट घोषित कर दिए थे जबकि भाजपा ने ऐन नामांकन भरने के पहले तक जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वालों के नाम घोषित नहीं किए थे। भाजपा ने जोड़-तोड़ के मामले में कांग्रेस के मुकाबले ज्यादा ताकत लगाई है, इसलिए भाजपा समर्थितों की जीत का आंकड़ा भी अधिक होने की उम्मीद है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी के लिए जो नाम भाजपा और कांग्रेस ने घोषित किए हैं, उसमें विदिशा जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए कांग्रेस की सिंधु विक्रम सिंह और भाजपा की गीता कैलाश रघुवंशी के बीच मुकाबला हो रहा है।

रीवा में बीजेपी की नीता कोल और कांग्रेस की सुंदरिया कोल प्रत्याशी हैं। यहां बीजेपी ने विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे प्रणय प्रताप सिंह को जिला पंचायत उपाध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित किया है। उमरिया में कांग्रेस ने सावित्री सिंह तथा अनूपपुर में कांग्रेस ने प्रीति रमेश सिंह और भाजपा ने विमला पर दांव खेला है। हरदा में भाजपा की ओर से गजेंद्र शाह प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। बीजेपी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भिंड में कामना सुनील सिंह भदौरिया, छतरपुर में विद्या अग्निहोत्री को प्रत्याशी घोषित किया है। सतना में भाजपा ने रामखेलावन आदिवासी और कांग्रेस ने विमला आदिवासी को तथा राजगढ़ में बीजेपी ने अध्यक्ष के लिए गंगा परिहार सोंधिया और उपाध्यक्ष के लिए केसर सिंह छावरी को कैंडिडेट बनाया है।

सीधी में नहीं हुआ चुनाव
सीधी में जिला पंचायत के एक सदस्य का चुनाव परिणाम हाईकोर्ट के निर्णय के चलते घोषित नहीं हुआ है। इसलिए सीधी में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया शुक्रवार को नहीं हुई। कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है।

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