मध्य प्रदेशराज्य

विधानसभा चुनाव से पहले आमजन को खुश करने शुरू होंगे विकास कार्य

भोपाल
सत्तारुढ़ दल भाजपा ने अगले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारियां शुरु कर दी है। प्रदेशभर में तीन हजार करोड़ की सड़क, पुल-पुलियाओं और भवनों  के निर्माण कार्य के एक साथ तीन दिन में टेंडर जारी करने की तैयारी है। दो अक्टूबर गांधी जयंती पर इन सभी निर्माण कार्यो का एक साथ भूमिपूजन किया जाएगा। प्रदेशभर में लगभग सवा चार सौ नये निर्माण कार्य शुरु किए जाएंगे।

पंचायत चुनाव और नगरीय निकाय चुनावों के सम्पन्न होंने के बाद शिवराज सरकार विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर फोकस करेगी। मध्यप्रदेश में निकाय चुनावों और पंचायत चुनावों के नतीजों के हालिया नतीजों को देखते हुए अब अगले विधानसभा चुनावों में विपक्ष को शिकस्त देने के लिए अब प्रदेश के ग्रामीण अंचलों और शहरों की तस्वीर बदलकर वोटरों को रिझाने की तैयारी है। विधानसभा क्षेत्रों में अभी भी कई ग्रामीण अंचल  शहरों की मुख्य सड़कों और राष्टÑीय तथा राज्य राजमार्ग से नहीं जुड़े है। लोक निर्माण विभाग को इस वित्तीय वर्ष में वित्त मंत्री ने भरपूर बजट जारी किया है।

निकाय चुनाव और पंचायत चुनावों के कारण अभी तक नई सड़कों, पुल-पुलिया की स्वीकृति देने का काम रुका हुआ था। पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो रही है।  इसके बाद नगरीय निकायों में अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया भी अगले पंद्रह दिन में पूरी होने जा रही है। पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राज्य सरकार प्रदेश के विकास कार्यो पर फोकस करेगी। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों से मंत्रियों और विधायकों द्वारा गांवों को शहरों से जोड़ने कई नई सड़कों, पुल और पुलियाओं के निर्माण के लिए सिफारिशी पत्रों का अंबार लग रहा है। लोक निर्माण मंत्री और विभाग के पास रोजाना ऐसे सिफारिशी पत्र लगातार आ रहे है।

लोक निर्माण विभाग ने भी अब युद्ध स्तर पर प्रदेश में सड़क, पुल-पुलियाओं के निर्माण कार्यो को एक साथ शुरु करने की तैयारी कर ली है। बारिश का मौसम खत्म होंते ही प्रदेश भर में ये निर्माण कार्य शुरु हो जाएंगे। लोक निर्माण विभाग ने विधायकों, सांसदों के क्षेत्रों में नई सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण करने के लिए सवा चार सौ से अधिक जरुरी कार्य चिन्हित कर लिए है। इनके लिए आबंटित बजट से प्रावधान किया जा रहा है। उच्च स्तर पर सभी निर्माण कार्य फाइनल होते ही तीन दिन में सभी जगह निर्माण कार्यो के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। इन टेंडरों की स्वीकृति के लिए 45 दिन की समयसीमा रहेगी।

टैंडर फाइनल होते ही प्रदेश के अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ दो अक्टूबर को इन निर्माण कार्यो के लिए भूमिपूजन किया जाएगा। इस भूमिपूजन में जिले के प्रभारी मंत्री, विभागीय मंत्री और स्थानीय सांसद-विधायक स्वयं पहुंचकर इन कामों का भूमिपूजन कर काम शुरु कराएंगे। टेंडर जारी होंने के चार से छह महीने की समयसीमा में सारे निर्माण कार्य पूरे कराने का लक्ष्य तय किया जा रहा है।

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