मध्य प्रदेशराज्य

सतना में जिला पंचायत अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष पद पर भाजपा का कब्‍जा

सतना
जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को सतना में सम्मिलन की कार्यवाही की गई। लगभग चार घंटे चली निर्वाचन प्रक्रिया की इस कार्यवाही में दोपहर डेढ़ बजे सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष पद की घोषणा जिला निर्वाचन अधिकारी व पीठासीन अधिकारी अनुराग वर्मा ने की।

इस दौरान भाजपा समर्थित प्रत्याशी रामखेलावन कोल 26 में से 17 मत पाकर आठ मतों से विजयी हुए। वहीं कांग्रेस सहित अन्य दलों की समर्थित विमला कोल को 9 मत प्राप्त हुए। इसी तरह उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा को बढ़त मिली और सुष्मिता पंकज सिंह 26 में से 16 मत पाकर 6 मतों से जिला पंचायत उपाध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उपाध्यक्ष में कांग्रेस द्वारा संयुक्त रूप से समर्थित प्रत्याशी राजेश परोहा को 10 मत मिले।

उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत सतना में 26 वार्ड हैं , जहां 26 सदस्यों वाले जिला पंचायत सतना के चुनाव में भाजपा के 11 तो कांग्रेस के 8 समर्थित सदस्य चुनाव जीते थे। जबकि 7 अन्य दलों के प्रत्याशी वार्डों से जीते थे। जिला पंचायत सतना के लिए अध्यक्ष पद की सीट अनुसूचित जन जाति वर्ग के लिए आरक्षित थी जिसके बाद सतना से भाजपा ने रामखेलावन कोल को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अपना समर्थित प्रत्याशी बनाया था। जबकि कांग्रेस और अन्य दल ने मिलकर विमला कोल को समर्थित प्रत्याशी बनाया था। जिसमें रामखेलावन कोल को सबसे अधिक 26 में से 17 मत प्राप्त हुए।

 आदिवासी प्रत्याशी भी नहीं मिल रहे थे कांग्रेस को
सतना में आदिवासी कोटे में जिला पंचायत अध्यक्ष सीट जाने के बाद से ही स्थानीय नेताओं में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए वह खुशी नहीं देखी जा रही थी जैसा अन्य चुनावों में देखी गई। भाजपा के पास जहां आदिवासी प्रत्याशी पहले से थे तो कांग्रेस इसे लेकर शुरुआत से ही हाथ पैर मार रही थी। अध्यक्ष पद पर भाजपा मजबूत हो इसके लिए पार्टी ने पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता को भाजपा से पर्यवेक्षक बनाया था।

 सुबह से ही जुट गए थे भाजपा-कांग्रेसी
जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए जिला पंचायत कार्यालय में सुबह 11 बजे से प्रक्रिया शुरू हो गई थी। पहले अध्यक्ष और फिर उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया हुई। जिसे लेकर भाजपा के नेता सांसद गणेश सिंह, जिलाध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी व पदाधिकारी सुबह से ही जिला पंचायत कार्यालय के इर्दगिर्द सक्रिय हो गए थे, जबकि कांग्रेस से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा जिला पंचायत कार्यालय के बाहर पहुंचे थे। चर्चा यह भी है कि कांग्रेस द्वारा 11 समर्थित प्रत्याशी थे लेकिन दो समर्थित प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी के लिए मत दे दिया।

 रात को ही भाजपा ने बना ली थी रणनीति
सतना जिला पंचायत में अब भाजपा का ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष रहेंगे। जबकि कांग्रेस को केवल सदस्यों के रूप में ही तसल्ली रखनी होगी। सतना की राजनीति में भी यहां बड़ा खेल देखा गया। अध्यक्ष से ज्यादा उपाध्यक्ष के लिए भाजपा ने अधिक मेहनत की। भाजपा ने सांसद गणेश सिंह के करीबी नेता पंकज सिंह परिहार की पत्नी सुष्मिता सिंह को अचानक आगे कर उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया जिससे कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी राजेश परौहा झल्ले महराज को छह वोट से हार का चेहरा देखना पड़ा। बताया जा रहा है कि भाजपा से उपाध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी बनने के लिए कई दावेदार थे लेकिन ऐन वक्त पर संगठन ने सुष्मिता पंकज सिंह का नाम आगे बढ़ा कर सभी सभी का मुह बंद कर दिया। इसके लिए भाजना ने निर्वाचन प्रक्रिया की पूर्व रात्रि को ही पूरी रणनीति गुपचुप तरीके से तैयार कर ली थी। रात को ही भाजपा के पूर्व मंत्री व जिला पंचायत सतना के लिए भाजपा के पर्यवेक्षक बनाए गए उमाशंकर गुप्ता बैठक ली। उस वक्त तक सांसद के करीबी ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और मंत्री रामखेलावन पटेल की बहू तारा विजय पटेल का नाम आगे चल रहा था लेकिन ऐन वक्त में निर्वाचन की प्रकिया के दौरान भाजपा की तरफ से सुष्मिता सिंह ने नामांकन दाखिल कर सभी को सौंका दिया जिसके बाद उपाध्यक्ष पद पर सुषमा ने 26 में से 16 मत पाकर छह मतों से जीत हासिल की।

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