Home राज्य बरेली दूसरे और पीलीभीत तीसरे स्थान पर रहे

बरेली दूसरे और पीलीभीत तीसरे स्थान पर रहे

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 लखनऊ

 योगी सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों से प्रदेश में सुशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर धरातल पर साफ देखा जा सकता है। सीएम डैशबोर्ड की अप्रैल माह की रैंकिंग में एक बार फिर रामपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। रामपुर ने यह उपलब्धि जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण, बेहतर फीडबैक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधारात्मक पहल से हासिल किया है जबकि बरेली ने दूसरा और पीलीभीत ने तीसरा स्थान हासिल किया है।

रामपुर ने 10 में से 9.42 अंक प्राप्त कर बाजी मारी
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिलों का मूल्यांकन कई मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई, फीडबैक की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे पहलू शामिल होते हैं। रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खासतौर पर जनशिकायतों के समाधान में जिले ने बेहतर कार्य करते हुए शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया।

शिकायतों के निस्तारण के बाद प्राप्त सकारात्मक फीडबैक ने भी जिले की रैंकिंग को मजबूत किया। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की अप्रैल माह की रैंकिंग में रामपुर को 10 में से 9.42 अंक प्राप्त हुए। इसके साथ ही रामपुर ने पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, बरेली ने 9.41 अंक के साथ दूसरा और पीलीभीत ने 9.36 अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।

टॉप टेन जिलों में इटावा, हमीरपुर, महराजगंज ने स्थान प्राप्त किया
सीएम डैशबोर्ड की अप्रैल माह की रैंकिंग में कई जिलों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 10 में स्थान बनाया है। इसमें इटावा ने 9.35 अंक हासिल कर चौथा, हमीरपुर ने 9.33 अंक हासिल कर पांचवा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह महराजगंज ने 9.31 अंक हासिल कर छठवां, शाहजहांपुर ने 9.30 अंक हासिल कर सांतवां, सीतापुर ने 9.29 अंक हासिल कर आठवां, हरदोई ने 9.27 अंक हासिल कर नौवां और औरैया ने 9.26 अंक हासिल कर दसवां स्थान प्राप्त किया है। इन सभी जिलों ने जनशिकायतों के समाधान, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के जरिए अपनी स्थिति मजबूत की है।

इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदेश के जिलों के बीच बेहतर कार्य करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड योगी सरकार का एक महत्वपूर्ण मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। इस डैशबोर्ड को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से योगी सरकार को जिलों के प्रदर्शन की वास्तविक समय में जानकारी मिलती है। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होती है। जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर होता है, वहां प्रशासन को सुधार के निर्देश दिए जाते हैं।

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