Home मध्य प्रदेश Aadi Utsav is a wonderful confluence of tribal pride, culture, and entrepreneurship:...

Aadi Utsav is a wonderful confluence of tribal pride, culture, and entrepreneurship: Chief Minister Dr. Yadav

7
0

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ''आदि उत्सव'' जैसे आयोजन प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी विरासत से विकास के संकल्प को पूरा करने का माध्यम भी हैं। जनजातीय संस्कृति से जुड़ी वैभवशाली परम्पराओं के प्रदर्शन और संरक्षण में ऐसे उत्सवों का विशेष महत्व है। पिछले एक दशक से यह आयोजन जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव हमारी प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वैभवशाली विरासत को सहेजने के साथ आधुनिक उद्यमिता के माध्यम से उसे नए आयाम देने का सशक्त मंच बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव ऐसा प्रतीत हो रहा है, मानो होली और दीपावली एक साथ आ गई हों। उन्होंने मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी, उमरिया और छिंदवाड़ा अंचल से पहुंचे गोंड एवं बैगा समाज के भाई-बहनों का स्वागत करते हुए आयोजन की भव्यता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंडला जिले में रामनगर में हुए ''आदि उत्सव'' को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडला का गोंड आर्ट, कर्मा, सैला और रीना नृत्य तथा बैगा समाज का परधोनी नृत्य जनजातीय संस्कृति की सुंदर अभिव्यक्ति हैं। इन परंपराओं को संरक्षित करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी सहित अन्य मोटे अनाजों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए विशेष अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव जनजातीय महापुरुषों और वीर नायकों बिरसामुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्याभील, राजा शंकरशाह, कुंवर रघुनाथशाह, दलपतशाह की शौर्य गाथाओं का स्मरण कराने वाला प्रेरणादायी मंच भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ने और जनजातीय महापुरुषों के वंशजों का सम्मान करने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह आयोजन जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

आदि उत्सव में हुआ है शिल्पियों का संगम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत एक दशक से आदि उत्सव का आयोजन हो रहा है जो प्रशंसनीय है। आदि उत्सव में बैगा ही नहीं गौंड और अन्य जनजातीय बंधु हिस्सा ले रहे हैं। आदि शिल्प में उद्यमियों और शिल्पियों का संगम भी हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजाति बोली और परंपराओं को हमें अगली पीढ़ी तक ले जाना है। जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए पारंपरिक वाद्य यंत्र भी यहां उपयोग में लाए गए हैं। साथ ही कर्मा सेला, लोक नृत्य की छटा बिखरी है। अन्न का उत्सव भी मनाया जा रहा है। प्रदेश में कोदो कुटकी के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजाति समाज के नायक भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, रघुनाथ शाह, भभूत सिंह आदि के सम्मान के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। इनमें ऐसे जनजाति नायकों के जन्म स्थल और कर्म स्थल पर कैबिनेट बैठक और अन्य आयोजन किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडला के मेडिकल कॉलेज का नाम राजा ह्दय शाह के नाम पर करने की पहल की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि उत्सव के अवसर पर मेगा स्वास्थ्य शिविर के आयोजन की प्रशंसा की।

जनजातियों के लिए बढ़ाया है बजट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए 47 हजार 425 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया। तेंदूपत्ता संग्रह कार्य का लाभ जनजाति समाज को मिल रहा है। पीएम जनमन और धरती आबा अभियान से जनजातियों का हित संवर्धन हुआ है। वन धन केंद्रों के माध्यम से भी जनजातीय वर्ग लाभान्वित हो रहा है। अधोसंरचना विकास के कई कार्य किए जा रहे हैं। आकांक्षा योजना के क्रियान्वयन और सांदीपनि एवं एकलव्य विद्यालयों से जनजाति समाज के विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। सिकल सेल जैसे रोगों के नियंत्रण की पहल भी की गई है।

गोंडवाना गौरव को नई पहचान दे रहा ‘आदि उत्सव’: केन्द्रीय मंत्रीओरांव

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रीजुएल ओरांव ने कहा कि गोंडवाना राजवंश के इस ऐतिहासिक महल का जीर्णोद्धार कराने के बाद वर्ष 2016 से लगातार यह आदि उत्सव आयोजित किया जा रहा है। जनजातीय गौरव को सम्मान देने की पहल सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी, जब 1999 में उन्होंने पहली बार जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया। मंडला के इस महल के जीर्णोद्धार के लिए मंत्रालय ने 1.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किये। आज प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री जनमन, आहार अनुदान, विभिन्न छात्रवृत्तियाँ, जनजातीय बच्चों की उच्च शिक्षा जैसे अनेक काम जनजातीय समाज के कल्याण के लिए किये जा रहे हैं।

आदि उत्सव राष्ट्रीय स्तर पर बना रहा विशिष्ट पहचान : मंत्री  उइके

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  सम्पतिया उइके ने कहा कि रामनगर का ‘आदि उत्सव’ अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और गौरव के प्रतीक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत गोंडी बोली में करते हुए जनजातीय समाज की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। आज यह आयोजन एक बड़े उत्सव के रूप में स्थापित हो चुका है, जिसमें जनजातीय संस्कृति, लोक कला, परंपराओं और इतिहास का भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है।

आदि उत्सव भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : सांसदकुलस्ते

सांसदफग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर आज तक राज परिवार, पंडा, पुजारी एवं भूमका समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिन्होंने जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर प्रदेश तथा देश के अन्य हिस्सों से आए विभिन्न राज परिवार के सदस्य, जनजातीय गौरव की जानी-मानी हस्तियाँ सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे जनजातीय वर्ग के लोग भी मौजूद रहे।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here