Home मध्य प्रदेश Indore Traffic Alert: शहर में 5 नए ब्लैक स्पॉट की पहचान, रालामंडल...

Indore Traffic Alert: शहर में 5 नए ब्लैक स्पॉट की पहचान, रालामंडल चौराहे पर दुर्घटनाओं का सबसे ज्यादा खतरा

8
0

इंदौर
 इंदौर शहर में सड़क सुरक्षा की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है। एक ओर यातायात पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने पांच ब्लैक स्पॉट को सूची से हटाने में सफलता हासिल की, तो दूसरी ओर उतने ही नए ब्लैक स्पॉट सामने आ गए। सबसे गंभीर बात यह है कि शहर के 16 ब्लैक स्पाट में अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बायपास कॉरिडोर पर हैं।

इससे बायपास इंदौर का सबसे खतरनाक दुर्घटना कारिडोर बनकर उभरा है। रालामंडल चौराहा पूरे शहर का सबसे संवेदनशील ब्लैक स्पाट है, जहां वर्ष 2023 से 15 जून 2026 तक 13 दुर्घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई।

यातायात पुलिस के वर्ष-2025 के ब्लैक स्पाट के आंकड़ों (2023, 2024, 2025 तथा 15 जून 2026 तक) के अनुसार, शहर में वर्तमान में 16 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इनमें 11 पुराने स्थान अब भी सूची में बने हुए हैं, जबकि पांच नए स्थानों को पहली बार ब्लैक स्पाट घोषित किया गया है। दूसरी ओर, पांच पुराने ब्लैक स्पाट को इंजीनियरिंग सुधार के बाद सूची से हटा दिया गया है।

यहां सबसे ज्यादा खतरा
आंकड़ों के अनुसार, दुर्घटनाओं का सबसे अधिक दबाव अब बायपास और राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। ओमेक्स सिटी, बिचौली मर्दाना ब्रिज, रालामंडल चौराहा, कैलोद करताल फाटा, कनाड़िया ब्रिज, यूनो बिजनेस पार्क, फीनिक्स माल और नावदापंथ ब्रिज सहित अधिकांश ब्लैक स्पाट एनएचएआई के हिस्से में आते हैं।

तेज रफ्तार, भारी वाहनों की आवाजाही और जंक्शन की डिजाइन इस कॉरिडोर को अधिक जोखिमपूर्ण बना रही है। कैलोद करताल फाटा, लवकुश चौराहा और ओमेक्स सिटी भी लगातार हादसों की सूची में बने हुए हैं।

कुछ को सुधारा तो नए उभरे
रिजलाय फाटा, बेस्ट प्राइज, आईटी पार्क चौराहा और प्रभु तोल कांटा सहित पांच स्थानों को ब्लैक स्पाट की सूची से हटा दिया गया है। इन स्थानों पर इंजीनियरिंग सुधार और यातायात प्रबंधन का सकारात्मक असर दिखा है। वहीं एमआर-10 टोल, कनाड़िया ब्रिज, यूनो बिजनेस पार्क, फीनिक्स माल और नावदापंथ ब्रिज जैसे पांच नए स्थान ब्लैक स्पाट के रूप में सामने आए हैं। यानी जहां एक स्थान सुरक्षित हुआ, वहीं दूसरे स्थान पर खतरा बढ़ गया।

सिर्फ छह माह में 2.48 लाख चालान
यातायात पुलिस ने चालानी कार्रवाई में भी तेजी दिखाई है। एक जनवरी 2026 से 25 जून तक 2.48 लाख से अधिक चालान बनाए जा चुके हैं। सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट, गलत पार्किंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर हुई है। इसके बावजूद ब्लैक स्पाट की संख्या में स्थायी कमी नहीं आई है। यह संकेत है कि केवल चालानी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। सड़क की डिजाइन, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और यातायात इंजीनियरिंग में भी व्यापक सुधार की जरूरत है।

    122 दुर्घटनाएं (2023 से 15 जून 2026 तक)
    123 मौतें दर्ज
    2,48,620 चालान ( एक जनवरी से 25 जून 2026 तक)

आगे यह करना होगा

ब्लैक स्पाट की सूची बताती है कि इंदौर में सड़क सुरक्षा का फोकस अब केवल शहर के चौराहों तक सीमित नहीं रह गया है। सबसे बड़ा जोखिम बायपास और राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों पर है। यदि इन कारिडोर पर इंजीनियरिंग सुधार, गति नियंत्रण और निगरानी को प्राथमिकता नहीं दी गई तो एक ब्लैक स्पाट हटने के साथ दूसरा बनने का सिलसिला जारी रहेगा।

    राऊ, रालामंडल और अर्जुन बड़ौद में फ्लाइओवर शुरू होने से वहां के ब्लैक स्पाट समाप्त हो गए हैं। अर्जुन बड़ौद में पुल बनने से पहले यातायात का दबाव अधिक था। लाजिस्टिक क्षेत्र होने के कारण ट्रक और ट्राले गलत दिशा से आते थे तथा सड़क पर खड़े रहते थे। इससे दुर्घटनाएं अधिक होती थीं, जो अब समाप्त हो गई हैं। एमआर-10 बायपास पर 65 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन और करीब ढाई किलोमीटर लंबे फ्लाइओवर का निर्माण अगले दो माह में पूरा हो जाएगा। नेमावर रोड पर राघवगढ़ के पास भी दो माह में काम पूरा होने की संभावना है। इससे आवागमन और अधिक सुरक्षित होगा। – प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here