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तमिल संस्कृति पर हमला या सियासी फैसला? ‘जन नायकन’ विवाद में विजय के साथ राहुल गांधी

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नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अभिनेता विजय की फिल्म 'जन नायकन' को रोकने की केंद्र सरकार की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे। राहुल का यह बयान तमिल फिल्म जन नायकन के निर्माता के सुप्रीम कोर्ट में मद्रास उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देने के एक दिन बाद आया है। एचसी ने फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड (CBFC) से मंजूरी मिलने के एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी थी।

मद्रास हाई कोर्ट ने 9 जनवरी को एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें सीबीएफसी को जन नायकन को तुरंत सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था, जिससे अभिनय की दुनिया से राजनीति में आए विजय की फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जन नायकन को रोकने की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है।’ लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि मिस्टर मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे।

फिल्म जन नायकन के सर्टिफिकेट पर बवाल
केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी ने पिछले शुक्रवार को उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ अपील की है, जिसने बोर्ड को फिल्म का प्रमाणपत्र तुरंत जारी करने के एकल पीठ के निर्देश पर रोक लगा दी थी। विजय ने कुछ महीने पहले अपना राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) बनाया है और जन नायकन को विजय के राजनीति में पूरी तरह से प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जा रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फिल्म पोंगल के अवसर पर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी। हालांकि, सीबीएफसी के समय पर प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के बाद फिल्म को आखिरी समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

 

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