Home अध्यात्म आधी रात 12:03 बजे बदलेगी तिथि, माघ अमावस्या किस दिन पड़ेगी?

आधी रात 12:03 बजे बदलेगी तिथि, माघ अमावस्या किस दिन पड़ेगी?

43
0

सनातन धर्म में साल भर में 12 अमावस्या की तिथियां पड़ती हैं. हर एक अमावस्या बहुत पावन और महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन हिंदी पंचांग के अनुसार 11वें माह माघ में पड़ने वाली अमावस्या अति विशेष मानी जाती है. इस अमावस्या को माघ या मौनी अमावस्या कहा जाता है. ये अमावस्या मौनी अमावस्या के नाम से ज्यादा लोकप्रिय है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान-दान, पूजा पाठ और मौन व्रत किया जाता है.

मान्यता है कि इस गंगाजल अमृत के समान हो जाता है, इसलिए इस दिन स्नान-दान से पुण्य फल मिलते हैं. इस दिन प्रयागराज के माघ मेले में गंगा और संगम तट पर सबसे बड़ा स्नान किया जाता है. अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है, लेकिन इस साल लोगों के मन मेंं माघ अमावस्या को लेकर संशय हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये अमावस्या किस दिन है?

कब है माघ अमावस्या?

पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 3 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 19 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 21 मिनट पर हो जाएगा. इस तरह से उदय तिथि के अनुसार, इस साल माघ या कहें कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी.

माघ अमावस्या पर क्या करें?

माघ अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं, इसलिए इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय से पहले मौन रहकर स्नान करें. ब्राह्मणों को भोजन कराएं. जरूरतमंद व्यक्ति को उड़द और चावल का दान करें. दक्षिण दिशा की ओर शाम को सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएं. मुख्य द्वार पर भी दीपक रखें. पीपल के वृक्ष पर जल जरूर अर्पित करें. प्रयागराज और हरिद्वार में स्नान करें. पितरों का तर्पण, पिंडदान अवश्य करें.

माघ अमावस्या पर क्या न करें?

इस दिन भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे- मांस, मछली, लहसुन, प्याज आदि नहीं खाएं. क्रोध, लोभ और नकारात्मक विचारों से बचें. आसपास गंदगी न रहनें दें. भूलकर भी कुत्ता, गाय, कौवा आदि जानवरों को परेशान नहीं करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here