श्योपुर/वीरपुर.
सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात वीरपुर थाना क्षेत्र के नेहलापुरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। रावत और जाटव समाज के लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
घटना के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला किया। इतना ही नहीं, पथराव भी हुआ जिससे हालात और बिगड़ गए। इस हिंसा में कुल 24 लोग घायल हो गए, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
लंबे समय से चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार, नेहलापुरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने सोमवार रात उग्र रूप ले लिया और दोनों गुट आमने-सामने आ गए।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन संबंधित अधिकारी समय रहते कार्रवाई नहीं करते। हल्का पटवारी से लेकर तहसील स्तर तक ढिलाई के कारण इलाके में सरकारी जमीनों पर कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। वीरपुर क्षेत्र में कई कीमती जमीनें दबंगों के कब्जे में होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
मामले में वीरपुर पुलिस कार्रवाई कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में महाराज सिंह बघेल ने बताया कि जमीनी विवाद को लेकर दो गुटों में संघर्ष हुआ है। इसमें कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।







