लखनऊ
कैबिनेट द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का निर्णय लिए जाने के साथ ही पंचायत चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। आयोग की सिफारिशें आने, सीटों का आरक्षण तय किए जाने और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव संपन्न कराने की प्रक्रिया में ही नौ महीने से अधिक समय लगेंगे। जब ये प्रक्रियाएं पूरी होंगी उस समय प्रदेश में विधान सभा चुनाव के लिए मतदान का समय रहेगा। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव अब विधान सभा चुनाव के बाद ही कराए जा सकेंगे।
आयोग के गठन का निर्णय लिए जाने के साथ ही सरकार अब हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में आयोग के गठन को लेकर चल रही सुनवाई में अपना पक्ष रखेगी, सुनवाई की तिथि 19 मई निर्धारित है।
वर्ष 2021 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल में चार चरणों में कराए गए थे। दो मई को मतों की गिनती हुई थी।26 मई को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हुई थी, जबकि जुलाई में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायतों की पहली बैठकें हुई थीं। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक पंचायत चुनाव से पूर्व ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाना जरूरी है, जिसे सोमवार को कैबिनेट से स्वीकृति मिली।
पिछड़ा वर्ग आयोग को सिफारिशें देने के लिए छह माह का समय दिया गया है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सीटों का आरक्षण तय करने के लिए विभाग को दो महीने का समय चाहिए। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 35 से 40 चाहिए। इन तीनों प्रक्रियाओं में ही नौ माह से अधिक समय निकल जाएगा, तब तक फरवरी आ जाएगा।
फरवरी में विधान सभा चुनाव के लिए मतदान की तिथियां होने की संभावना है। मार्च में मतों की गणना और उसके बाद सरकार का गठन होगा। इस तरह मार्च तक पंचायत चुनाव होने के कोई आसार नहीं बन रहे हैं।
नई सरकार के गठन के बाद यदि तत्काल पंचायत चुनाव के लिए मतदान कराए जाएं तो चुनी गई पंचायतों की पहली बैठक कराने में मई-जून आ जाएगा। इस प्रकार पूरे एक साल विलंब से पंचायत चुनाव होगी। तब तक पंचायतों का कामकाज प्रशासक अथवा प्रशासक समिति के हाथ में रह सकता है।
पंचायत चुनाव वर्ष 2021: 15, 19, 26 और 29 अप्रैल को हुआ था मतदान, दो मई को हुई थी गिनती
विधान सभा चुनाव वर्ष 2022: 10 फरवरी से सात मार्च के बीच सात चरणों मतदान और 10 मार्च को हुई थी गणना
इन तिथियों को समाप्त हो रहा है पंचायतों का कार्यकाल
ग्राम पंचायतें-26 मई
क्षेत्र पंचायतें- 19 जुलाई
जिला पंचायतें- 11 जुलाई







