दुर्ग.
जिले की 24 राशन दुकानों का संचालन लंबे समय से अटैचमेंट में चल रहा था। कोर्ट में प्रकरण लंबित होने के कारण इन दुकानों के संचालन के लिए नई समितियों का निर्धारण नहीं हो पा रहा था। कोर्ट से प्रकरणों के निराकरण के बाद इन सारी दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 16 के तहत यह कार्यवाही की गई है। निरस्त दुकान-महिला स्व सहायता समूह, संगवारी खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उप सेवा सह समिति, नवीन महिला स्व सहायता समूह, शंकरा महिला स्व सहायता समूह, जय शक्ति महिला स्व सहायता समूह, जय श्री कृष्ण महिला स्व सहायता समूह, दुर्ग सहकारी विपणन समिति, कृषक सेवा सहकारी समिति कोहका, जय सदाराम महिला स्व सहायता समूह, मां अन्नपूर्णा स्व सहायता समूह, सामुदायिक विकास समिति भिलाई, एकता महिला स्व सहायता समूह, सामुदायिक विकास समिति भिलाई, बीएसपी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार, सहकारी उपभोक्ता भण्डार भिलाई, विन्ध्यवासिनी महिला स्व सहायता समूह, नवीन प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार, स्टील नगर महिला स्व सहायता समूह, मं जय भवानी महिला स्व सहायता समूह, इस्पात कर्मचारी कन्ज्यूमर कोआपरेटिव स्टोर्स भिलाई, सामुदायिक विकास समिति रविदास नगर भिलाई, संतोषी महिला स्व सहायता समूह, भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ केम्प 1 भिलाई और प्रेरणा महिला स्व सहायता समूह शामिल हैं।
शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन के लिए आवेदन केवल संबंधित वार्ड की स्थानीय संस्था द्वारा ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। 15 जून तक आवेदन किया जा सकता है। खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया ने बताया कि पूर्व में लंबित मामलों के निराकरण के बाद ही दुकानों के आवंटन को निरस्त किया गया है। नए का निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप आवंटन किया जाएगा।







