बालाघाट.
मध्य प्रदेश के बालाघाट व सिवनी जिलों में एथनॉल उत्पादन के नाम पर फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इसमें आठ राइस मिलरों को नोटिस दिया गया है। साथ ही 13 संदिग्ध लोगों पर एफआइआर करवाने की तैयारी है। मामले की जांच एसआइटी कर रही है।
यदि ऐसी हेरफेर इन जिलों में हुआ होगा तो घोटाला बड़ा हो सकता है। बता दें, सामान्य चावल में आवश्यक विटामिन और खनिज (जैसे आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी-12) को मिलाकर तैयार पोषणयुक्त चावल को फोर्टिफाइड कहा जाता है। यह आंगनवाड़ी केंद्रों व कन्या छात्रावासों में वितरित किया जाता है।
50 से अधिक संदिग्धों से हो रही पूछताछ
मामला तीन जून को बालाघाट में 242 क्विंटल चावल का ट्रक वारासिवनी के संचेती राइस मिल परिसर में पकड़े जाने से सामने आया। ट्रक बालाघाट के नवेगांव स्थित एफसीआइ के गोदाम से छिंदवाड़ा के बोरगांव स्थिति एवीजी एग्रीको एथनाल प्लांट के लिए निकला था। जांच के बाद इससे जुड़े ट्रक चालक दुर्गेश शेंडे, एथनाल प्लांट के एजेंट राहुल प्रताप, सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और सिवनी के ट्रांसपोर्टर उबेद खान को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि ट्रक संचेती राइस मिल में खाली करवाया गया। मालिक सौरभ संचेती और उसके पिता गंभीर संचेती फरार हैं। जांच आगे बढ़ी तो करीब एक हफ्ते बाद दो ट्रक सिवनी की एक राइस मिल में खाली मिले। हेराफेरी की तह तक जाने 50 से अधिक ट्रक मालिक, ट्रक चालक, राइस मिलर, प्लांट प्रबंधन के लोगों से पूछताछ जारी है।
अब तक 17 ट्रक जब्त किए गए
बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक अब तक 17 ट्रक जब्त किए हैं, इनकी चावल की हेराफेरी में संलिप्तता है। बालाघाट के राजनीतिक रसूख वाले राइस मिलर के नाम भी सामने आए हैं। आशंका है कि 17 जिलों के 22 एथनाल प्लांटों को करीब 1100 करोड़ रुपये का चावल आवंटित किया गया है।







