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डोनाल्ड ट्रंप के बयान का असर, क्रूड ऑयल के दाम में आई तेज गिरावट; जानें वजह

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मुंबई 
अमेरिका-ईरान के बीच जंग में आने वाले हर एक अपडेट का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. ट्रंप जैसे ही ईरान के साथ शांति या अटैक से जुड़ा बयान देते हैं तेल में उथल-पुथल मच जाती है. अब एक बार फिर से उन्होंने ट्रंप के साथ बातचीत का ऐलान किया है और कूटनीतिक वार्ता आज से शुरू होने जा रही है. शांति की उम्मीद के चलते Crude Oil Price Crash हो गया है और इसमें 5 फीसदी के आसपास बड़ी गिरावट आई है। 

ट्रंप ने आखिर ऐसा क्या कहा? 
Donald Trump ने ईरान पर हमला टालते हुए एक बड़ा बयान किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि Iran पर टाला गया हमला द्वितीय विश्व युद्ध (World War 2) के बाद का सबसे बड़ा हमला होता. उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज  स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव अभी भी अनसुलझा बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद आगे की जान-माल की हानि न हो इसके लिए कूटनीति ही बेहतर विकल्प है। 

एयर फोर्स वन में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से शुरू होने वाली है, हालांकि उन्होंने समझौते तक पहुंचने की कोई समयसीमा (US Iran War Talk Deadline) नहीं बताई है. साफ है कि ट्रंप बातचीत के जरिए अब ईरान से समझौते पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। 

कच्चे तेल का दाम धड़ाम
इधर ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर ये बयान दिया और उधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ गई. खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत (Brent Crude Oil Price) 4.80 फीसदी से ज्यादा गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रही थी. इसके अलावा WTI Crude Oil Price 5.30 फीसदी फिसलकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था। 

Hormuz पर अटकी है दोनों की गाड़ी
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच कई बार शांति समझौते की उम्मीद जागी है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों के बीच तनातनी के चलते डील फाइनल नहीं हो पाई है. Hormuz Strait लगातार चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि क्योंकि वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति के लिए ये महत्वपूर्ण है. बता दें कि दुनिया की तेल-गैस जरूरत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. इसमें आने वाली किसी भी तरह की रुकावट सीधे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में नजर आती है. यही नहीं इससे महंगाई का जोखिम भी बढ़ जाता है। 

तेल फिसला, तो बाजार उछला 
ईरान के साथ बातचीत के ट्रंप के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार (US Stock Market) में जोरदार तेजी देखने को मिली थी और सभी इंडेक्स ग्रीन जोन में क्लोज हुए थे. डाउ जोंस 276.97 अंक, डाउ फ्यूचर्स 257 अंक, तो S&P 51 अंक की बढ़त में क्लोज हुआ था। 

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए भी पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि सेंसेक्स-निफ्टी के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ओपनिंग के साथ ही तूफानी तेजी लेकर ट्रेड कर रहा है. खबर लिखे जाने तक ये इंडेक्स 1 फीसदी या 243 अंक से ज्यादा उछलकर 24,631 पर कारोबार कर रहा था। 

बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स दिनभर के कारोबार के बाद 166 अंक की उछाल लेकर 78,094 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 66 अंकों की तेजी के साथ 24,383 पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Sensex 789 अंक उछलकर 78,883 के लेवल पर खुला, तो वहीं Nifty ने भी 24,500 के पार ट्रेड शुरू किया। 

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