Home छत्तीसगढ़ वर्षों से पिता के नाम दर्ज थी जमीन, लोक सेवा गारंटी से...

वर्षों से पिता के नाम दर्ज थी जमीन, लोक सेवा गारंटी से किसान रतम राम को मिला हक

6
0

सेवा की कहानी

वर्षों से पिता के नाम दर्ज थी जमीन, लोक सेवा गारंटी से किसान रतम राम को मिला हक

फौती नामांतरण के बाद बी-1 में दर्ज हुआ नाम, किसान हितैषी योजनाओं से जुड़ने की राह हुई आसान

समय-सीमा में राजस्व प्रकरण का निराकरण, किसान रतम राम ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का जताया आभार

रायपुर
 वर्षों से जिस कृषि भूमि पर खेती कर परिवार का जीवन चल रहा था, उसके राजस्व अभिलेख में अब भी दिवंगत पिता का ही नाम दर्ज था। इस वजह से जशपुर जिले के ग्राम कंडोरा निवासी किसान श्री रतम राम को अपनी जमीन से जुड़ी कई प्रक्रियाओं और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ रही थी। लोक सेवा गारंटी के माध्यम से उनका फौती नामांतरण होने और बी-1 में नाम दर्ज होने के बाद अब उनकी यह परेशानी दूर हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध नागरिक सेवाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी व्यवस्था का लाभ कुनकुरी तहसील के ग्राम कंडोरा निवासी किसान श्री रतम राम को मिला।

पिता के निधन के वर्षों बाद भी रिकॉर्ड में दर्ज था उनका नाम

श्री रतम राम के पिता स्वर्गीय सुखरू के निधन के कई वर्ष बीत चुके थे, लेकिन कृषि भूमि के राजस्व अभिलेख बी-1 में अब भी उनके पिता का नाम दर्ज था। जीवित वारिस के रूप में श्री रतम राम का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें जमीन से संबंधित कार्यों के साथ किसान हितैषी योजनाओं की प्रक्रियाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

किसान के लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी आजीविका का आधार होती है। ऐसे में राजस्व रिकॉर्ड का अद्यतन होना किसान को उसकी भूमि से संबंधित अधिकारों और विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है।

लोक सेवा गारंटी ने आसान की राह

अपनी समस्या के समाधान के लिए श्री रतम राम ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन मिलने के बाद राजस्व विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरण पर कार्रवाई शुरू की। पटवारी जांच, मौका मुआयना तथा दावा-आपत्ति सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनका फौती नामांतरण किया गया।

नामांतरण पूरा होते ही राजस्व अभिलेख बी-1 में श्री रतम राम का नाम दर्ज हो गया। वर्षों से लंबित उनकी समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली।

अब किसान योजनाओं से जुड़ने की राह हुई आसान

राजस्व अभिलेख अद्यतन होने से श्री रतम राम के लिए कृषि भूमि से संबंधित शासकीय प्रक्रियाएं आसान हुई हैं। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और एग्रीस्टैक के अंतर्गत डिजिटल किसान पहचान जैसी किसान हितैषी योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में उन्हें सुविधा मिल सकेगी। संबंधित योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार प्राप्त होगा।

श्री रतम राम की कहानी यह बताती है कि समय पर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार किसी किसान के लिए केवल दस्तावेजी प्रक्रिया नहीं है। यह उसकी भूमि से जुड़े अधिकारों को रिकॉर्ड में स्पष्ट करने और विभिन्न शासकीय सेवाओं तक उसकी पहुंच आसान बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

रतम राम बोले—समय पर हुआ काम, अब बी-1 में मेरा नाम

अपनी समस्या का समाधान होने से प्रसन्न श्री रतम राम ने कहा, “मेरे पिता के नाम पर जमीन होने से मुझे लाभ नहीं मिल रहा था। लोक सेवा गारंटी से मेरा काम समय पर हो गया और बी-1 में मेरा नाम आ गया। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन को दिल से धन्यवाद देता हूं।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नागरिकों को राजस्व सहित विभिन्न शासकीय सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ अब जमीनी स्तर पर हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। किसान रतम राम का फौती नामांतरण इसी समयबद्ध सेवा व्यवस्था की एक सकारात्मक तस्वीर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here