नई दिल्ली
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खिलाड़ियों की कीमत को लेकर नया विवाद खड़ा हो सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम दो बड़े खिलाड़ियों ने अपनी फ्रेंचाइजी को साफ कर दिया है कि वे 2028 मेगा ऑक्शन से पहले रिटेन तभी होंगे, जब उन्हें 40 करोड़ रुपये मिलेंगे. इनमें से एक खिलाड़ी ने रकम के साथ कप्तानी की शर्त भी रखी है. खिलाड़ियों की इस मांग ने फ्रेंचाइजी के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी एक क्रिकेटर पर टीम का इतना बड़ा बजट खर्च करना समझदारी होगी?
यह मांग आईपीएल 2027 के रिटेंशन की समयसीमा से पहले सामने आई है. फ्रेंचाइजी टीम्स को 17 नवंबर 2026 तक अपने रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ियों की जानकारी देनी है. इसके बाद 16 दिसंबर को गोवा में मिनी ऑक्शन होगा. आईपीएल 2027 के बाद 2028 के सीजन के लिए मेगा ऑक्शन होना है, लिहाजा खिलाड़ी अगले बड़े चक्र से पहले अपनी कीमत तय कराने की कोशिश में हैं।
पंत-श्रेयस पर हुई थी पैसों की बारिश
40 करोड़ रुपये की मांग के पीछे IPL 2025 मेगा ऑक्शन में खिलाड़ियों को मिली बड़ी रकम भी अहम वजह है. उस नीलामी में ऋषभ पंत ने रिटेंशन के बजाय ऑक्शन में उतरने का फैसला किया था. लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये में खरीदा. वहीं, श्रेयस अय्यर को पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा।
विदेशी खिलाड़ियों पर भी फ्रेंचाइजी ने जमकर पैसा खर्च किया था. हेनरिक क्लासेन 23 करोड़ और निकोलस पूरन 21 करोड़ रुपये में रिटेन हुए थे. इन सौदों ने साबित किया कि शीर्ष खिलाड़ियों को तय रिटेंशन स्लैब से कहीं ज्यादा रकम मिल सकती है. यही वजह है कि अब कुछ खिलाड़ी अपनी कीमत को लेकर फ्रेंचाइजी से बड़ी मांग कर रहे हैं।
टीमों का बढ़ेगा सैलरी पर्स?
आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन में हर फ्रेंचाइजी के पास 120 करोड़ रुपये का पर्स था. आईपीएल 2027 के लिए यह बढ़कर 130 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, 2028 मेगा ऑक्शन में पर्स करीब 150 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, हालांकि BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अगर किसी खिलाड़ी को 40 करोड़ रुपये में रिटेन किया जाता है, तो संभावित 150 करोड़ के कुल बजट का 26 फीसदी से ज्यादा हिस्सा उसी पर खर्च हो जाएगा. इससे बाकी खिलाड़ियों को खरीदने और मजबूत टीम तैयार करने के लिए फ्रेंचाइजी के पास सीमित रकम बचेगी।
पिछले मेगा ऑक्शन से पहले बीसीसीआई ने रिटेंशन के लिए 11 करोड़, 14 करोड़ और 18 करोड़ रुपये के स्लैब तय किए थे. पांच खिलाड़ियों को रिटेन करने वाली टीम के पर्स से कम से कम 75 करोड़ रुपये की कटौती होती थी. यदि खिलाड़ियों की कुल तय कीमत इससे अधिक होती, तो वास्तविक रकम काटी जाती थी।







